चीन के साथ सीमा पर चल रहे तनाव के बीच वायुसेना प्रमुख आरकेएस भदौरिया बुधवार को लेह दौरे पर गए थे।

उनका यह दौरा पहले से निर्धारित नहीं था। उन्होंने बुधवार शाम को श्रीनगर से लेह के लिए उड़ान भरी थी।

इस दौरे से पहले उन्होंने सीमा के हालात को लेकर चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल बिपिन रावत और सेना प्रमुख जनरल जनरल मनोज मुकुंद नरवणे के साथ बैठक की थी।

आइये, पूरी खबर जानते हैं।


इस खबर में
1. अलर्ट पर रखे गए हैं वायुसेना के विमान
2. लद्दाख के पास तैनात हुए मिराज और सुखोई विमान
3. वायुसेना ने नहीं की आधिकारिक पुष्टि
4. लेह के आसमान में दिखे वायुसेना के विमान और हेलिकॉप्टर
5. पूर्वोत्तर राज्यों में भी विमान अलर्ट पर
6. चीन सीमा पर लंबे समय से जारी है तनाव

अलर्ट पर रखे गए हैं वायुसेना के विमान
भदौरिया का लेह दौरा ऐसे समय में हुआ है, जब सीमा पर तनाव के चलते वायुसेना के विमानों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।

इंडिया टुडे ने सरकारी अधिकारियों के हवाले से बताया, "वायुसेना प्रमुख दो दिन के दौरे पर श्रीनगर और लेह गए थे। इन दोनों स्टेशनों पर मध्य और दक्षिण भारत से लड़ाकू विमानों को बुलाकर तैनात किया है।"

बता दें, चीन के साथ सीमा विवाद को लेकर हुई झड़प में 20 जवान शहीद हुए थे।

लद्दाख के पास तैनात हुए मिराज और सुखोई विमान
रिपोर्ट के मुताबिक, वायुसेना ने लद्दाख के पास बालाकोट एयरस्ट्राइक को अंजाम देने वाले लड़ाकू विमानों मिराज 200 को तैनात किया है, जहां से कुछ ही मिनटों में पेंगोग त्सो और चीनी सीमा के पास लगते इलाकों में जा सकते हैं।

इसके अलावा सुखोई-30 विमानों को भी अग्रिम मोर्चों पर भेजा गया है, जहां से वो सीमा किसी भी स्थिति का मुहंतोड़ जवाब देने में सक्षम होंगे।

शुक्रवार को लेह के आसमान में इन विमानों की गतिविधि भी देखी गई।

वायुसेना ने नहीं की आधिकारिक पुष्टि
वायुसेना ने लद्दाख में चिनूक और अपाचे हेलिकॉप्टर को भी तैनात किया है ताकि सीमा पर बन रहे हालातों के बीच सेना तक हर जरूरी सामान की समय पर आपूर्ति की जा सके।

अपाचे हेलिकॉप्टर आसमान से जमीन पर हमला करने में भी सक्षम है।

आपको बता दें कि भारतीय वायुसेना की तरफ से भदौरिया के लेह दौरे और विमानों की तैनाती को लेकर किसी तरह की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।



पूर्वोत्तर राज्यों में भी विमान अलर्ट पर
पिछले कुछ दिनों में श्रीनगर, अंबाला, आदमपुर और हलवाड़ा एयरबेस पर तैनात लड़ाकू विमानों में लंबी दूरी की मारक क्षमताओं वाले हथियार लगाए गए हैं।

वहीं तिब्बत क्षेत्र के आसपास होने वाले दुश्मन की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए वायुसेना के बरेली एयरफोर्स को अलर्ट पर रखा गया है।

साथ ही वायुसेना ने पूर्वोत्तर राज्यों में स्थित अपने एयरबेस को अलर्ट कर दिया है ताकि चीन की किसी भी हरकत का तुरंत जवाब दिया जा सके।

चीन सीमा पर लंबे समय से जारी है तनाव
लद्दाख की गलवान घाटी में सीमा को लेकर भारत और चीन के बीच पिछले एक महीने से भी ज्यादा समय से विवाद चल रहा है।

इसे सुलझाने के लिए कई स्तर की बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला है। 6 जून की बैठक में सैनिकों के पीछे हटने पर सहमति बनी थी।

जब भारतीय सैनिक यह देखने गए तो चीनी सैनिकों ने उन्हें घेरकर उन पर हमला कर दिया। इसमें 20 जवान शहीद हुए थे।